अमेरिका 🇺🇸 ईरान 🇮🇷 से चाहता क्या है , वो क्या मसला है जो लगभग 40 साल से उसने ईरान पर तरह तरह के प्रतिबंध लगाये हुए हैं आख़िर उसकी वज़ह क्या है?
आओ जानते हैं ,ध्यान से पढ़ना और समझना उम्मीद करता हूँ आप पढ़ते हुए ही समझ जाएँगे असली वज़ह क्या […]
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आओ जानते हैं ,ध्यान से पढ़ना और समझना उम्मीद करता हूँ आप पढ़ते हुए ही समझ जाएँगे असली वज़ह क्या […]
हरियाणा के अंदर सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा जातीय उत्पीड़न से परेशान आईपीएस अफसर की खुदकुशी 78 साल के आजादी के बाद भी छुआ – छूत और उच्च- नीच की गहरी खाई को दर्शाता है ।
अक्टूबर 1946 — यह वो दिन था जब इतिहास की मिट्टी खून से लाल हो गई।
राजा की सेना ने गाँवों पर हमला किया।
मज़दूरों ने भाले, दरांती और पुरानी बंदूकें उठाईं।
गोलियों की गड़गड़ाहट में समुद्र की लहरें भी काँप उठीं।
जब दुनिया अमीरों के महल सजा रही होती है,
तब कम्युनिस्ट पार्टी मजदूरों के घर बना रही होती है।
कल जो हुआ — जब Chief Justice of India (CJI) पर जूता फेंका गया — ये सिर्फ एक व्यक्तिगत अपमान नहीं है। ये हमारे संवैधान, न्यायपालिका की गरिमा और सामाजिक न्याय की लड़ाई पर जोरदार हमला है।
सलेमपुर दुर्गा विसर्जन 2025 में नरेंद्र मोदी जी के चेहरे वाला पोस्टर नज़र आया, जिस पर लिखा था — “एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।” यह नारा हिंदुओं को टारगेट करके दिया गया, लेकिन असल में समाज को तोड़ने वाला संदेश है।
नीचे एक बहुत ही गहरा, सनसनीखेज और भावनात्मक ब्लॉगपोस्ट है जिसमें सत्य घटनाएँ और इरफान हबीब के वक्तव्यों के साक्ष्य
कामरेड सतीश कुमार जैसे जन नेता विरले ही मिलते हैं। ये अपनी विचारधारा के प्रति इस कदर समर्पित हैं कि
सहायक अभियंता और उपजिलाधिकारी सलेमपुर के द्वारा 13 अगस्त को टेंडर हो जाने के आश्वासन पर टूटा तीन दिवसीय भूख हड़ताल
In the world of politics and activism, there are individuals who dedicate their lives to fighting for the rights and